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अमित शाह के बस्तर दौरे पर भूपेश बघेल का तंज – सच बताती तो साय सरकार मुश्किल में पड़ जाती

May 20, 2026 Source: Veridhar

अमित शाह के बस्तर दौरे पर भूपेश बघेल का तंज – सच बताती तो साय सरकार मुश्किल में पड़ जाती
पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah के बस्तर दौरे और नक्सलवाद पर दिए गए बयानों को “झूठ का पुलिंदा” बताया। रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में बघेल ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में जो प्रगति हुई, उसकी नींव कांग्रेस सरकार के कार्यकाल 2018 से 2023 के बीच रखी गई थी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने सुरक्षा कैंप, सड़क निर्माण, बिजली, राशन दुकानों और ग्रामीण सुविधाओं पर लगातार काम किया, जिसका लाभ वर्तमान भाजपा सरकार को मिला। बघेल ने कहा कि अमित शाह ने 2022 में खुद माना था कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से नक्सली घटनाओं में भारी कमी आई है। उन्होंने शाह के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि 2009 में जहां 2258 नक्सली हिंसा की घटनाएं हुई थीं, वहीं 2021 तक यह संख्या घटकर 509 रह गई थी। बघेल के अनुसार, कांग्रेस सरकार के दौरान ही बस्तर के कई गांव और कोंडागांव जिला नक्सल मुक्त घोषित हो चुके थे। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि अमित शाह को बस्तर की वास्तविक स्थिति की सही जानकारी नहीं दी गई। बघेल ने कहा कि कांग्रेस शासन में बंद पड़े 275 स्कूल दोबारा खोले गए थे, जबकि भाजपा सरकार अब राज्य में हजारों स्कूल बंद करने का निर्णय ले चुकी है। उन्होंने राशन वितरण, आदिवासी आरक्षण और वनाधिकार पट्टों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों के हित में बड़े स्तर पर काम किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के 15 साल के शासनकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस दौरान फर्जी एनकाउंटर, आदिवासियों पर अत्याचार और गांवों के खाली होने जैसी घटनाएं हुईं। बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने बस्तर की समस्याओं को सही तरीके से संभालने के बजाय हालात और खराब किए। वहीं नेता प्रतिपक्ष Charandas Mahant ने अमित शाह द्वारा हर आदिवासी परिवार को गाय और भैंस देने की योजना पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार में ऐसी योजनाएं असफल रही थीं और बड़े घोटाले सामने आए थे। महंत ने अमूल मॉडल की तारीफ करते हुए कहा कि इसकी सफलता कांग्रेस शासनकाल की नीतियों का परिणाम है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बस्तर में शांति और विकास सभी का सपना है, लेकिन इसका पूरा श्रेय केवल भाजपा सरकार को देना सही नहीं होगा।