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स्कूल असेंबली में ‘वंदे मातरम’ जरूरी, बंगाल सरकार ने बदले नियम

May 14, 2026 Source: Veridhar

स्कूल असेंबली में ‘वंदे मातरम’ जरूरी, बंगाल सरकार ने बदले नियम
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य करने का फैसला लिया है। नए आदेश के अनुसार अब हर दिन स्कूलों की सुबह की प्रार्थना सभा में छात्रों को ‘वंदे मातरम’ गाना होगा। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रधानाचार्यों और संस्थानों के प्रमुखों को इस निर्देश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य छात्रों में देशभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पहले के सभी आदेशों और प्रथाओं को निरस्त कर दिया है। अब शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले आयोजित होने वाली सभा में ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। शिक्षा निदेशक ने 13 मई को जारी पत्र में स्पष्ट किया कि सभी छात्र राष्ट्रगीत का सामूहिक रूप से गायन करेंगे। साथ ही स्कूल प्रशासन को इसके पालन का रिकॉर्ड भी रखना होगा, जिसमें वीडियो रिकॉर्डिंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी। सरकार का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता की भावना और मजबूत होगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रही है। केंद्र द्वारा ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ में संशोधन का प्रस्ताव दिया गया है, जिसके तहत ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध बनाया जा सकता है। अब तक पश्चिम बंगाल के अधिकांश स्कूलों में मुख्य रूप से राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया जाता था, जिसे Rabindranath Tagore ने लिखा था। वहीं, राज्य में ‘बांग्लार माटी बांग्लार जल’ को भी बढ़ावा दिया जाता रहा है। अब Bankim Chandra Chattopadhyay द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ को नियमित सभा में शामिल करने से स्कूलों की सुबह की दिनचर्या में एक और राष्ट्रभक्ति गीत जुड़ गया है। हालांकि, इस फैसले के बाद कुछ शिक्षक संगठनों ने समय प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि ‘जन गण मन’, ‘बांग्लार माटी बांग्लार जल’ और ‘वंदे मातरम’ तीनों गीत प्रतिदिन गाए जाएंगे, तो सीमित समय वाली स्कूल असेंबली में इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शिक्षकों ने सरकार से इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।