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अमेरिका ने ईरानी तेल नेटवर्क पर कसा शिकंजा, इनाम की घोषणा से हलचल
May 14, 2026 Source: Veridhar
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान के तेल कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े तेल शिपमेंट और फाइनेंशियल नेटवर्क की जानकारी देगा, उसे 1.5 करोड़ डॉलर यानी करीब 143 करोड़ रुपये तक का इनाम दिया जाएगा।
अमेरिका का आरोप है कि IRGC अवैध तेल कारोबार और गुप्त वित्तीय नेटवर्क के जरिए क्षेत्र में अस्थिरता और आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन दे रहा है। इसी वजह से अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर कड़ी निगरानी और प्रतिबंध लगाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरान से जुड़े 60 से अधिक जहाजों को वापस लौटाया है, ताकि ईरानी तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार तक न पहुंच सके।
हालांकि अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद कुछ तेल टैंकर चोरी-छिपे होर्मुज स्ट्रेट पार कर अपने गंतव्य तक पहुंचने में सफल हो रहे हैं। इससे अमेरिकी कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब अमेरिका ने “रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस” कार्यक्रम के तहत उन लोगों से जानकारी मांगी है जो ईरानी तेल की सप्लाई, इसमें शामिल जहाजों, कंपनियों और नेटवर्क के बारे में जानकारी दे सकते हैं।
इसके अलावा अमेरिका ने IRGC के कथित तेल नेटवर्क से जुड़े कई लोगों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। शाहिद पुरजाफरी ऑयल हेडक्वार्टर से जुड़े तीन वरिष्ठ अधिकारियों को भी निशाने पर लिया गया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये लोग तेल से जुड़े वित्तीय लेनदेन को संचालित कर रहे थे।
अमेरिका का दावा है कि इन कदमों का मकसद उन फंडिंग चैनलों को रोकना है जिनका इस्तेमाल प्रॉक्सी संगठनों और सैन्य गतिविधियों के लिए किया जाता है। वहीं, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी हाल ही में चेतावनी दी थी कि अगर ईरान अपना तेल निर्यात नहीं कर पाया तो उसका पूरा तेल ढांचा बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।