India
पोखरण परीक्षण के बाद भारत पर बढ़ा था वैश्विक दबाव, PM मोदी ने किया याद
May 11, 2026 Source: Veridhar
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुजरात के Somnath Temple में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव-2026’ के दौरान देश के ऐतिहासिक Pokhran-II परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि 11 मई 1998 का दिन भारत के इतिहास में बेहद खास था। उन्होंने बताया कि जब भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया, तब पूरी दुनिया हैरान रह गई थी। कई वैश्विक शक्तियां भारत पर दबाव बनाने और उसे रोकने के लिए मैदान में उतर आई थीं। उस समय भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं और देश को अलग-थलग करने की कोशिश हुई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारत डरा नहीं और मजबूती से अपने फैसले पर कायम रहा। उन्होंने कहा कि यह केवल वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं थी, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता और साहस का प्रतीक था। पीएम मोदी ने बताया कि उस मिशन का नाम ‘ऑपरेशन शक्ति’ रखा गया था, क्योंकि भारत की परंपरा में शिव और शक्ति की आराधना का विशेष महत्व है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने Somnath Temple की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई आक्रमणकारियों ने सोमनाथ मंदिर को नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन मंदिर हर बार फिर से खड़ा हुआ। यह भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति का प्रमाण है। पीएम ने कहा कि भारत केवल भौतिक ताकत से नहीं, बल्कि अपनी वैचारिक शक्ति और आस्था से भी मजबूत है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने 11 पवित्र तीर्थों के जल से मंदिर के शिखर का अभिषेक किया। इस अवसर पर वायुसेना की सूर्यकिरण टीम ने एरोबेटिक शो भी प्रस्तुत किया और हेलिकॉप्टर से मंदिर परिसर में पुष्प वर्षा की गई। पूरे मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर की 75वीं प्राण-प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की नई चेतना और आत्मविश्वास का प्रतीक है।