Tuesday, May 12, 2026
English edition
Veridhar Veridhar

Rooted in Truth

India

विजय सरकार बनने के एक दिन बाद ही बढ़ी तनातनी, VCK प्रमुख ने जताई नाराजगी

May 11, 2026 Source: Veridhar

विजय सरकार बनने के एक दिन बाद ही बढ़ी तनातनी, VCK प्रमुख ने जताई नाराजगी
तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के महज 24 घंटे के भीतर ही मुख्यमंत्री Vijay और उनकी सहयोगी पार्टी VCK के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। विवाद की वजह शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वलथु’ से पहले ‘वंदे मातरम’ बजाया जाना बना। VCK प्रमुख Thol. Thirumavalavan ने इस कदम को राज्य की पारंपरिक व्यवस्था के खिलाफ बताते हुए मुख्यमंत्री विजय पर सवाल उठाए हैं। थिरुमावलवन ने कहा कि तमिलनाडु के सरकारी कार्यक्रमों में हमेशा सबसे पहले ‘तमिल थाई वलथु’ गाया जाता रहा है, लेकिन इस बार परंपरा को तोड़ते हुए ‘वंदे मातरम’ को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह फैसला राज्यपाल को खुश करने के लिए लिया गया था। VCK प्रमुख ने यह भी कहा कि ‘वंदे मातरम’ को लेकर पहले भी धार्मिक और वैचारिक विवाद होते रहे हैं, इसलिए इसे शपथ ग्रहण जैसे सरकारी कार्यक्रम में प्राथमिकता देना कई सहयोगी दलों और समर्थकों के बीच असहजता पैदा कर सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय से साफ करने की मांग की कि भविष्य में भी क्या यही परंपरा अपनाई जाएगी या फिर तमिल राज्य गीत को उसका पुराना सम्मान वापस मिलेगा। इस मुद्दे ने नई सरकार के भीतर वैचारिक मतभेदों को उजागर कर दिया है। इसके अलावा, विजय द्वारा पिछली डीएमके सरकार पर तमिलनाडु को 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में छोड़ने के आरोप पर भी थिरुमावलवन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केवल बड़े आंकड़े बताकर जनता में डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार किसी भी राज्य के कर्ज का मूल्यांकन उसके सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) के अनुपात में किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु का कर्ज अभी भी 15वें वित्त आयोग द्वारा तय सीमा के भीतर है। नई सरकार के शुरुआती दिनों में ही इस तरह के विवाद ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। विपक्ष भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि इससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।