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DRDO का बड़ा कमाल: अग्नि-5 मिसाइल टेस्ट से दुनिया को मिला बड़ा संदेश

May 10, 2026 Source: Veridhar

DRDO का बड़ा कमाल: अग्नि-5 मिसाइल टेस्ट से दुनिया को मिला बड़ा संदेश
भारत ने एडवांस अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण कर अपनी सामरिक ताकत को एक बार फिर दुनिया के सामने साबित किया है। ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आइलैंड से किए गए इस परीक्षण में मिसाइल ने मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक का सफल प्रदर्शन किया। इस तकनीक की मदद से अग्नि-5 एक ही समय में अलग-अलग स्थानों पर मौजूद कई दुश्मन ठिकानों को निशाना बना सकती है। इसके अलावा मिसाइल कई न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में भी सक्षम मानी जा रही है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार परीक्षण के दौरान मिसाइल को कई पेलोड्स के साथ लॉन्च किया गया और हिंद महासागर क्षेत्र में निर्धारित सभी टारगेट्स को सफलतापूर्वक हिट किया गया। लॉन्च से लेकर लक्ष्य तक मिसाइल की पूरी गतिविधि पर नजर रखने के लिए जमीन और समुद्र आधारित ट्रैकिंग सिस्टम और टेलीमेट्री स्टेशनों का उपयोग किया गया। मंत्रालय ने इस मिशन को पूरी तरह सफल बताया। भारत ने पहली बार मार्च 2024 में MIRV तकनीक से लैस अग्नि-5 का परीक्षण किया था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “मिशन दिव्यास्त्र” नाम दिया था। इस तकनीक के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास उन्नत MIRV क्षमता मौजूद है। अग्नि-5 की रेंज 5,000 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है, जिससे यह चीन समेत दूरस्थ क्षेत्रों तक मार करने में सक्षम है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि के लिए DRDO और भारतीय सेना को बधाई देते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अग्नि-5 का MIRV संस्करण चार से पांच न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने की क्षमता रख सकता है। भारत की परमाणु नीति “नो फर्स्ट यूज” पर आधारित है, यानी भारत पहले परमाणु हमला नहीं करेगा, लेकिन किसी भी परमाणु हमले का जवाब पूरी ताकत से देगा। हाल ही में भारतीय नौसेना में न्यूक्लियर पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन INS अरिदमन को शामिल किए जाने से भारत की समुद्री और परमाणु सुरक्षा क्षमता और मजबूत हुई है।