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यूपी कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा गर्म, अखिलेश ने उठाए सवाल

May 9, 2026 Source: Veridhar

यूपी कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा गर्म, अखिलेश ने उठाए सवाल
उत्तर प्रदेश में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार होने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि रविवार, 10 मई को योगी सरकार अपने कैबिनेट का विस्तार कर सकती है। राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर हलचल बढ़ गई है और संभावित नए मंत्रियों के नाम भी सामने आने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कृष्णा पासवान, पूजा पाल, मनोज पांडेय, भूपेंद्र चौधरी, अशोक कटारिया और रोमी साहनी को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कैबिनेट विस्तार की खबरों के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तंज कसते हुए कहा कि “दिल्ली से पर्ची आ गई क्या?” अखिलेश ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की शक्तियों में कटौती की जा रही है और फैसले कहीं और से लिए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग भी उठाई। अपने बयान में उन्होंने भाजपा के अंदर चल रही राजनीतिक खींचतान पर भी कटाक्ष किया। दरअसल, यूपी भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं बढ़ गई थीं। माना जा रहा है कि भाजपा आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक और जातीय समीकरण साधने की कोशिश कर रही है। पार्टी पिछड़े वर्ग और दलित समुदाय के नेताओं को अधिक प्रतिनिधित्व देकर पीडीए समीकरण को मजबूत करना चाहती है। इसके अलावा कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी देकर नए चेहरों को मौका दिए जाने की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, योगी सरकार युवा और सक्रिय विधायकों को कैबिनेट में शामिल करने पर विचार कर रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का नाम भी संभावित मंत्रियों में शामिल बताया जा रहा है। वर्तमान में योगी मंत्रिमंडल में कुल 54 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक रूप से 60 मंत्रियों तक की अनुमति है। ऐसे में सरकार के पास छह नए मंत्रियों को शामिल करने की पूरी गुंजाइश मौजूद है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विस्तार सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि आगामी चुनावों की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। भाजपा संगठन और सरकार के बीच लगातार मंथन जारी है ताकि सामाजिक संतुलन के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी दिया जा सके।