Tuesday, May 12, 2026
English edition
Veridhar Veridhar

Rooted in Truth

India

31 मई तक करें पंजीयन, लोक अदालत में मिलेगा समाधान

May 7, 2026 Source: Veridhar

*नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ 09 मई 2026 को* *आपसी सहमति से सुलझेंगे लंबित मामले* *सुप्रीम कोर्ट की विशेष पहलः समाधान समारोह के जरिए घर बैठे आभासी (Virtual) माध्यम से भी जुड़ सकेंगे पक्षकार* रायपुर, 07 मई 2026/ आम जनता को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने तथा आपसी सहमति से विवादों के निपटारे को बढ़ावा देने के लिए भारत के सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह विशेष लोक अदालत 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत आगामी 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत से होगी, जिसका समापन अगस्त माह में विशेष लोक अदालत के वृहद आयोजनों के साथ होगा। *महत्वपूर्ण तिथियाँ और कार्यक्रम* नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ 09 मई 2026 को किया जाएगा। विशेष लोक अदालत (सुप्रीम कोर्ट परिसर) 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 का किया जाएगा। पूर्व सुलह वार्ता (Pre-Litigation) इसकी प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से ही प्रारंभ हो चुकी है। *घर बैठे जुड़ने की सुविधा* इस बार की लोक अदालत की विशेषता यह है कि पक्षकार भैतिक (शारीरिक) उपस्थिति के साथ-साथ आभासी (Virtual) माध्यम से भी जुड़ सकते हैं। प्रशिक्षित मध्यस्थ और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी आपसी सुलह कराने में सहयोग करेंगे। *पंजीयन की प्रक्रिया* अपने लंबित मामलों को इस विशेष लोक अदालत में शामिल करने के लिए पक्षकारों को सर्वाेच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध गूगल फॉर्म भरना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2026 तक भर सकेंगे। *यहाँ करें संपर्क (सहायता केंद्र)* किसी भी प्रकार की जानकारी या तकनीकी सहायता के लिए पक्षकार निम्नलिखित केंद्रों और नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं 1. सर्वाेच्च न्यायालय (वन स्टॉप सेंटर/वार रूम) में संपर्क नंबर 011-2311565652, 011-23116464 ईमेल-speciallokadalat2026@sci.in पता कक्ष क्रमांक 806 एवं 808, बी ब्लॉक, अतिरिक्त भवन परिसर, सुप्रीम कोर्ट में संपर्क किया जा सकता है। 2. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर का पता जिला न्यायालय परिसर, रायपुर 0771-2425944, 91-8301508992 में नंबर संपर्क किया जा सकता है। विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी अधिवक्ताओं, वादीगणों और संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे इस समाधान समारोह में सक्रिय रूप से भाग लें। यह लंबित मामलों को बिना किसी कटुता के, आपसी समझौते के माध्यम से समाप्त करने का एक सुनहरा अवसर है।