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113 विधायकों के साथ पहुंचे विजय, लेकिन गवर्नर ने नहीं दी मंजूरी

May 7, 2026 Source: Veridhar

113 विधायकों के साथ पहुंचे विजय, लेकिन गवर्नर ने नहीं दी मंजूरी
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। टीवीके प्रमुख Vijay लगातार दूसरी बार राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करने पहुंचे, लेकिन उन्हें एक बार फिर बहुमत साबित करने के लिए कहा गया। राज्यपाल ने साफ कर दिया कि शपथ ग्रहण से पहले 118 विधायकों के समर्थन पत्र जरूरी हैं। फिलहाल टीवीके के पास केवल 113 विधायकों का समर्थन है, जिसके कारण पार्टी सत्ता से कुछ कदम दूर दिखाई दे रही है। 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं। हालांकि विजय दो सीटों से चुनाव जीते थे और एक सीट छोड़ने के बाद पार्टी की संख्या 107 रह जाएगी। ऐसे में बहुमत के लिए अभी भी 11 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत है। कांग्रेस के पांच विधायकों ने विजय को समर्थन दिया है, लेकिन इसके बावजूद आंकड़ा 118 तक नहीं पहुंच पाया है। विजय ने राज्यपाल से बहुमत साबित करने के लिए कुछ समय मांगा है। इसी बीच राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा भी तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंदी रहे Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के बीच भी सरकार गठन को लेकर बैकचैनल बातचीत चल रही है। सूत्रों के अनुसार एक प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है जिसमें AIADMK सरकार बनाए और DMK बाहर से समर्थन दे सकती है। छोटे दलों की भूमिका भी इस फॉर्मूले में अहम मानी जा रही है। वहीं Communist Party of India (CPI) ने राज्यपाल के रुख पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के एस.आर. बोम्मई फैसले का हवाला देते हुए कहा कि बहुमत परीक्षण विधानसभा के पटल पर होना चाहिए, न कि राजभवन में। CPI ने राज्यपाल से संवैधानिक परंपराओं का पालन करने की अपील की है। दूसरी ओर AIADMK विधायकों के बीच भी हलचल बढ़ गई है। खबर है कि पुडुचेरी में ठहरे कई विधायक लगातार रणनीति बैठकों में शामिल हो रहे हैं। कुछ विधायक टीवीके के साथ जाने के बदले उपमुख्यमंत्री पद और कैबिनेट हिस्सेदारी चाहते थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व इसके पक्ष में नहीं था। अब कुछ विधायक DMK के साथ संभावनाएं तलाशते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। तमिलनाडु की राजनीति में जारी यह उठापटक आने वाले दिनों में सरकार गठन की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।