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मनी लॉन्ड्रिंग में बेल मिली, लेकिन MCOCA ने बढ़ाई लीना पॉलोस की मुश्किल
May 6, 2026 Source: Veridhar
दिल्ली हाई कोर्ट ने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना पॉलोस को ₹200 करोड़ के जबरन वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज किया गया था। हालांकि, उन्हें पूरी राहत नहीं मिली है क्योंकि दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा MCOCA के तहत दर्ज एक अन्य मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। इस कारण लीना पॉलोस को फिलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा।
जस्टिस प्रतीक जालान ने दोनों मामलों में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत मंजूर की, लेकिन MCOCA से जुड़े मामले में राहत देने से इनकार कर दिया। EOW इस केस की जांच कर रही है और इसे एक गंभीर संगठित अपराध के रूप में देख रही है।
जांच के अनुसार, सुकेश चंद्रशेखर पर आरोप है कि उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह की पत्नियों से करीब ₹200 करोड़ की ठगी की। उसने खुद को कानून मंत्रालय का अधिकारी बताकर भरोसा जीता और उनके पतियों को कानूनी राहत दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठे। एजेंसियों का कहना है कि यह पूरी तरह से सुनियोजित ठगी और जबरन वसूली का मामला है।
इस हाई-प्रोफाइल केस में लीना पॉलोस पर भी साजिश में शामिल होने के आरोप हैं। उन्हें 2021 में गिरफ्तार किया गया था और वे तीन साल से अधिक समय से जेल में हैं। अपनी जमानत याचिका में उन्होंने ट्रायल में देरी और सह-आरोपियों को मिल चुकी जमानत का हवाला दिया था।
EOW ने लीना के खिलाफ IPC की कई गंभीर धाराओं और आईटी एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की है। वहीं, ED का आरोप है कि आरोपियों ने शेल कंपनियों और हवाला नेटवर्क के जरिए अवैध धन को वैध दिखाने की कोशिश की। यह मामला एक बड़े आर्थिक अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की ओर इशारा करता है।