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प्रॉपर्टी टैक्स के साथ जुड़ेगा लाइसेंस शुल्क, MCD का ऐलान

May 5, 2026 Source: Veridhar

प्रॉपर्टी टैक्स के साथ जुड़ेगा लाइसेंस शुल्क, MCD का ऐलान
दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी के व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। इस निर्णय के तहत अब जनरल ट्रेड लाइसेंस (GTL) और भंडारण (स्टोरेज) लाइसेंस का शुल्क अलग-अलग जमा करने की जरूरत नहीं होगी। व्यापारी अब इन दोनों शुल्कों को अपने वार्षिक प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही एकीकृत रूप से जमा कर सकेंगे। यह नई व्यवस्था 30 अप्रैल से लागू कर दी गई है और इसे MCD की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए संचालित किया जाएगा। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल बनाना और भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। पहले व्यापारियों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाकर अलग-अलग शुल्क जमा करने पड़ते थे, जिससे समय और मेहनत दोनों अधिक लगते थे। नई व्यवस्था के तहत अब यह पूरी प्रक्रिया एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरी हो जाएगी, जिससे न केवल सुविधा बढ़ेगी बल्कि प्रशासनिक दक्षता भी सुधरेगी। नई प्रणाली के अनुसार, व्यापारियों को अपने प्रॉपर्टी टैक्स का केवल 15 प्रतिशत अतिरिक्त राशि के रूप में GTL और स्टोरेज लाइसेंस शुल्क देना होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यापारी पहले 8,000 रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स और लगभग 6,000 रुपये अलग से लाइसेंस शुल्क देता था, तो अब उसे केवल 1,200 रुपये (यानी 15%) अतिरिक्त देने होंगे। इससे व्यापारियों के वित्तीय बोझ में काफी कमी आएगी। इस फैसले से दिल्ली के एक लाख से अधिक व्यापारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही, अलग आवेदन की प्रक्रिया खत्म होने से समय की बचत होगी और सिस्टम अधिक यूजर-फ्रेंडली बनेगा। हालांकि, निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण प्रमाण पत्र और फायर एनओसी जैसी जरूरी अनुमतियां संबंधित विभागों से लेना अभी भी अनिवार्य रहेगा। कुल मिलाकर, यह कदम व्यापारियों के लिए राहत देने के साथ-साथ टैक्स कलेक्शन सिस्टम को अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।