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चुनाव से पहले बढ़ा विवाद: TMC ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
May 5, 2026 Source: Veridhar
Trinamool Congress (TMC) ने पश्चिम बंगाल चुनाव में मतगणना से पहले सख्त रुख अपनाते हुए Election Commission of India के एक फैसले को Supreme Court of India में चुनौती दी है। यह मामला चुनाव के दौरान केवल केंद्रीय सरकार और सार्वजनिक उपक्रम (PSU) के कर्मचारियों को ऑब्जर्वर नियुक्त करने से जुड़ा है।
टीएमसी ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर 2 मई को सुनवाई होने की संभावना है। मामले की सुनवाई जस्टिस P. S. Narasimha और जस्टिस Joymalya Bagchi की बेंच करेगी। इससे पहले, Calcutta High Court ने 30 अप्रैल को टीएमसी की याचिका खारिज कर दी थी और चुनाव आयोग के फैसले को वैध ठहराया था।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि काउंटिंग सुपरवाइजर और असिस्टेंट की नियुक्ति करना चुनाव आयोग का विशेषाधिकार है। अदालत ने यह भी माना कि केवल केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति में कोई कानूनी खामी नहीं है और यह निर्णय पारदर्शिता, निष्पक्षता और व्यवस्थित चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
टीएमसी सांसद और वरिष्ठ वकील Kalyan Banerjee ने इस फैसले का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का यह कदम एकतरफा है और इसमें राज्य सरकार की भागीदारी नहीं है। उन्होंने अदालत से हस्तक्षेप की मांग की थी।
इस बीच, पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल और अधिक गरमा गया है। चुनाव आयोग ने 15 पोलिंग स्टेशनों पर 2 मई को दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया है। वहीं, 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने भी मतगणना केंद्रों पर संभावित गड़बड़ी की आशंका जताई है।
कुल मिलाकर, मतगणना से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव बढ़ गया है, और अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है, जो चुनावी प्रक्रिया की दिशा तय कर सकता है।