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मुजतबा खामेनेई की मौत की खबर पर ईरान ने तोड़ी चुप्पी
May 5, 2026 Source: Veridhar
ईरान में हाल ही में फैली अफवाहों के बीच सरकार की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है। देश के वरिष्ठ धर्मगुरु और विशेषज्ञ सभा के सदस्य अयातुल्ला मोहसेन क़ोमी ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद मुजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि सुप्रीम लीडर पूरी तरह स्वस्थ हैं और देश के कामकाज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
क़ोमी के अनुसार, मुजतबा खामेनेई के मारे जाने या घायल होने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने इन अफवाहों को “दुश्मनों की साजिश” बताया और आरोप लगाया कि पश्चिमी देश जानबूझकर ऐसी खबरें फैला रहे हैं ताकि ईरान के अंदर भ्रम और अस्थिरता पैदा की जा सके। उनका कहना है कि सुप्रीम लीडर के स्वास्थ्य पर सवाल उठाकर ईरानी अधिकारियों पर सार्वजनिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने एक अहम खुलासा भी किया कि हाल ही में जिस इमारत पर भीषण बमबारी हुई थी, उसमें मुजतबा खामेनेई मौजूद थे। हालांकि, धमाके से कुछ ही मिनट पहले वे सुरक्षित स्थान पर चले गए, जिससे उनकी जान बच गई। क़ोमी ने इसे “ईश्वर की कृपा” बताते हुए कहा कि यह इस बात का सबूत है कि उनके नेता सुरक्षित हैं और संरक्षित हैं।
इस बीच, ईरान की राजनीति में एक और मुद्दा चर्चा में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ विदेश मंत्री अब्बास अरघची के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं। दोनों नेताओं को लगता है कि अरघची कूटनीति और वार्ताओं को सही तरीके से संभाल नहीं पा रहे हैं और वे सरकार की नीतियों के बजाय इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से अधिक प्रभावित हैं।
सूत्रों का दावा है कि अरघची सीधे आईआरजीसी के वरिष्ठ अधिकारी अहमद वाहिदी के साथ समन्वय कर रहे हैं और कई फैसले राष्ट्रपति की जानकारी के बिना ले रहे हैं। यही कारण है कि उनके खिलाफ असंतोष बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन उन्हें पद से हटाने पर विचार कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, एक ओर जहां ईरान ने सुप्रीम लीडर के सुरक्षित और स्वस्थ होने का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर देश के भीतर कूटनीतिक नेतृत्व को लेकर असहमति और तनाव भी सामने आ रहा है।