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आबकारी नीति मामला: अदालत में CBI याचिका पर बहस नहीं हो सकी

May 4, 2026 Source: Veridhar

आबकारी नीति मामला: अदालत में CBI याचिका पर बहस नहीं हो सकी
दिल्ली की विवादित आबकारी नीति से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर याचिका पर सोमवार को निर्धारित सुनवाई नहीं हो सकी। यह याचिका मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित अन्य आरोपियों को निचली अदालत द्वारा दी गई आरोपमुक्ति (बरी किए जाने) के फैसले को चुनौती देने से संबंधित है। सुनवाई दोपहर 2:30 बजे तय थी, लेकिन न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा के अदालत में उपस्थित न होने के कारण कार्यवाही शुरू ही नहीं हो पाई, जिससे सुनवाई को आगे के लिए टालना पड़ा। इस देरी के चलते CBI की याचिका पर किसी प्रकार की बहस या सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में अगली तारीख का इंतजार किया जा रहा है, जब अदालत आरोपमुक्ति के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर विस्तार से विचार करेगी। इससे पहले, 20 अप्रैल को न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उनसे मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग (रिक्यूज) करने की मांग की थी। अदालत के इस फैसले के बाद दोनों नेताओं की ओर से न्यायाधीश को पत्र लिखा गया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे अब व्यक्तिगत रूप से या अपने वकीलों के माध्यम से उनके समक्ष पेश नहीं होंगे और “महात्मा गांधी के सत्याग्रह के मार्ग” पर चलेंगे। इसी प्रकार का पत्र आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक की ओर से भी भेजा गया था। पिछली सुनवाई में अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि उसे निचली अदालत से सभी आवश्यक रिकॉर्ड अब तक प्राप्त नहीं हुए हैं। इनमें कई महत्वपूर्ण आदेश शामिल थे, जिनके अभाव में आगे की सुनवाई संभव नहीं थी। इसी कारण अदालत ने CBI की याचिका पर अगली सुनवाई 4 मई तक के लिए स्थगित की थी। हालांकि निर्धारित तिथि पर भी सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने यह निर्देश दिया है कि संबंधित रिकॉर्ड जल्द से जल्द निचली अदालत से मंगवाए जाएं, ताकि मामले की नियमित सुनवाई शुरू की जा सके और प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। साथ ही अदालत ने यह भी नोट किया कि कई पक्षकारों ने अपने जवाब दाखिल कर दिए हैं, लेकिन कुछ बरी किए गए आरोपियों ने अभी तक अपना जवाब प्रस्तुत नहीं किया है। उन्हें अंतिम अवसर देते हुए अदालत ने निर्देश दिया है कि वे शनिवार तक अपना पक्ष दाखिल करें। इस पूरे मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी अदालत को सूचित किया कि CBI इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करेगी। मामला लगातार कई याचिकाओं और आपत्तियों के चलते आगे बढ़ रहा है और अब अगली सुनवाई की तारीख पर सभी पक्षों की दलीलों पर विचार किया जाएगा।