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लखपति दीदी से नालंदा परिसर तक: आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की झलक
May 3, 2026
*गांव-गांव पहुंची सरकार : सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री श्री साय का प्रदेशव्यापी दौरा शुरू*
*लखपति दीदी से नालंदा परिसर तक: मुख्यमंत्री के दौरे में दिखी आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की तस्वीर*
*गोद में सपने, हाथों में विकास - मुख्यमंत्री के दौरे की अनोखी तस्वीर*
रायपुर, 03 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अपने प्रदेशव्यापी दौरे का आगाज किया। मुख्यमंत्री पुलिस लाइन हेलीपैड रायपुर से रवाना हुए और जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ पहुंचे। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही ग्रामीणों ने उत्साह और उल्लास के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और विशेष सचिव श्री रजत बंसल भी उपस्थित थे।
सुशासन तिहार के दौरान ग्राम भैंसामुड़ा में मुख्यमंत्री श्री साय का संवेदनशील और आत्मीय रूप देखने को मिला। उन्होंने 4 वर्षीय नन्हीं मानविका चौहान को स्नेहपूर्वक गोद में उठाया और उससे संवाद किया। मानविका ने जब मासूमियत से कहा कि उसे “डॉक्टर बनना है”, तो मुख्यमंत्री मुस्कुराए और उसे आशीर्वाद देकर उसका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से उसे अपना चश्मा भी पहनाया। मानविका की माता श्रीमती दीपांजलि चौहान ने इस स्नेहपूर्ण व्यवहार के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राही श्रीमती अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन आवास का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता देखी और श्रमिकों से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं करणी उठाकर सीमेंट-गारा से ईंट जोड़ते हुए श्रमदान भी किया। हितग्राही श्रीमती अनुसुइया पैंकरा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उनका पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता से सीधे संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानना और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
चंदागढ़ प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा की किराना दुकान पहुंचे, जहां सुमिला ने लौंग-इलायची खिलाकर उनका स्वागत किया। मुद्रा योजना से एक लाख रुपये का ऋण लेकर शुरू की गई इस दुकान को देखकर मुख्यमंत्री ने सुमिला की मेहनत और आत्मनिर्भरता की सराहना की। उन्होंने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा तथा स्वयं भुगतान करते हुए कहा कि यह उनकी मेहनत का हक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुमिला जैसी महिलाएं वनांचल में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रही हैं।
इसी दौरान ग्राम भैंसामुड़ा के स्कूल परिसर में मुख्यमंत्री ने बच्चों को क्रिकेट खेलते देखा तो स्वयं मैदान में उतरकर उनके साथ क्रिकेट खेला। बच्चों से पढ़ाई और खेल के प्रति रुचि की जानकारी लेते हुए उन्होंने कलेक्टर को विद्यार्थियों के लिए क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जनचौपाल में मुख्यमंत्री ने राशन, पेयजल, बिजली, पटवारी संबंधी समस्याओं सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने चंदागढ़ और भैंसामुड़ा के विकास के लिए सामुदायिक भवन, मिनी स्टेडियम, सीसी रोड सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
इसके बाद मुख्यमंत्री श्री साय सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिलमा के शांतिपारा पहुंचे, जहां उन्होंने खाट में बैठकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। जनचौपाल में ग्राम सुआरपारा के श्री राजेश शुक्ला ने बिजली बिल माफी और आर्थिक सहायता के लिए आवेदन दिया, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सहायता का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक ले जाना है, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी जा सके और लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहुंचकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं और युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों का “जय बिहान” कहकर अभिवादन किया और पशु सखियों से उनके अनुभव जाने। ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर पशु सखी के रूप में पशुओं का सर्वे, उपचार में सहयोग और ग्रामीणों को पशुपालन संबंधी जागरूकता प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं। जिले में RSETI के माध्यम से अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार हेतु तैयार किया जा चुका है।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में स्व-सहायता समूहों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कोमल स्व-सहायता समूह की श्रीमती पूर्णिमा बासिन ने मुख्यमंत्री को बताया कि बैंक लिंकेज और CIF से मिले सहयोग के माध्यम से उन्होंने जैविक खेती शुरू की और जीराफूल चावल का उत्पादन कर एक वर्ष में 3 लाख रुपये की बिक्री की है। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए 5 समूहों को 21 लाख रुपये के चेक प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम पंचायत कछिया की सरपंच श्रीमती खुशबू सिंह और सचिव श्रीमती सुनीता मरावी को बाल हितैषी पंचायत श्रेणी में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया और कहा कि महिलाओं की भागीदारी गांवों को आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बलरामपुर जिला मुख्यालय में 4 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण भी किया और कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए आधुनिक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ई-लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें, अध्ययन सामग्री और पत्र-पत्रिकाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परिसर युवाओं के लिए ज्ञान और अवसर का सशक्त केंद्र बनेगा।