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शांति वार्ता से पहले ट्रंप का वार्निंग मोड, ईरान को धमकी
May 3, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर समझौते की प्रक्रिया के दौरान ईरान से कोई “गलती” होती है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने यह बयान फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच से मियामी रवाना होते समय पत्रकारों से बातचीत में दिया।
ट्रंप ने बताया कि उन्हें ईरान के एक संभावित समझौते की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी गई है, लेकिन वे अभी इसका पूरा और लिखित प्रस्ताव देखना चाहते हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी संकेत दिया कि ईरान का मौजूदा प्रस्ताव उनके अनुसार स्वीकार करने योग्य नहीं है, क्योंकि अमेरिका के दृष्टिकोण से ईरान ने अब तक अपने कार्यों की पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका फिर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है, तो ट्रंप ने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कहा कि यह विकल्प अभी भी खुला है। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
इस बीच, ईरान की ओर से एक नया प्रस्ताव सामने आया है, जिसे कथित तौर पर मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया था। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए तैयार है, जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके। बदले में ईरान चाहता है कि अमेरिका उसकी समुद्री नाकेबंदी और आर्थिक प्रतिबंधों को समाप्त करे।
ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम बातचीत का विषय बाद में हो सकता है। यानी पहले क्षेत्रीय तनाव कम करने और समुद्री मार्ग खोलने पर ध्यान दिया जाए, उसके बाद परमाणु मुद्दों पर चर्चा की जाए।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इस प्रस्ताव में कुल 14 प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को ईरान के आसपास के क्षेत्रों से हटाना, आर्थिक प्रतिबंधों को खत्म करना, जब्त संपत्तियों को वापस करना और युद्ध से हुए नुकसान के लिए मुआवजा शामिल है। इसके अलावा, ईरान ने लेबनान सहित अन्य संघर्ष क्षेत्रों में युद्ध समाप्त करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए नया नियंत्रण ढांचा बनाने का भी सुझाव दिया है।
गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का एक बेहद महत्वपूर्ण तेल और गैस मार्ग है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, 8 अप्रैल के बाद अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले रोक दिए थे, लेकिन अभी तक कोई स्थायी और ठोस समझौता नहीं हो पाया है। यही कारण है कि क्षेत्र में अनिश्चितता और तनाव बना हुआ है।