Tuesday, May 12, 2026
English edition
Veridhar Veridhar

Rooted in Truth

India

मोहन भागवत बोले- भारत ही बन सकता है दुनिया का मजबूत आधार

May 3, 2026

मोहन भागवत बोले- भारत ही बन सकता है दुनिया का मजबूत आधार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने हाल ही में कहा कि आज जब दुनिया अस्थिरता और वैश्विक उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है, ऐसे समय में एक मजबूत और सशक्त भारत ही विश्व का आधार बन सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके लिए आवश्यक है कि भारत अपने सभी समाजों को साथ लेकर चले और समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़े। मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर आयोजित ‘कर्मयोगी एकल शिक्षक मेला’ के दौरान बोलते हुए मोहन भागवत ने आदिवासी और अनुसूचित जाति समुदायों की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमणों और ऐतिहासिक कठिनाइयों के बावजूद इन समुदायों ने भारत की सांस्कृतिक पहचान और उसकी “आत्मा” को सुरक्षित रखा है। उनके अनुसार, भारत की सांस्कृतिक और नैतिक परंपराएं हजारों वर्षों से निरंतर बनी हुई हैं, और इन्हीं मूल्यों ने देश की मूल पहचान को जीवित रखा है। भागवत ने यह भी कहा कि आदिवासी समाज ने सदियों से भारतीय संस्कृति और उसकी संवेदनाओं को संजोकर रखा है। उनका योगदान केवल संरक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने समाज को “सबके कल्याण” की भावना भी दी है, जो भारत की सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज के विकास को केवल सहानुभूति के आधार पर नहीं, बल्कि समर्पित प्रयास और कठोर मेहनत के माध्यम से आगे बढ़ाना होगा। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि देश के हर नागरिक को समान अवसर मिलना चाहिए। वर्तमान में आदिवासी समाज कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, इसलिए उन्हें मुख्यधारा में शामिल किए बिना समग्र विकास संभव नहीं है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी विचार व्यक्त किए और कहा कि राजनीति की परिभाषा अब बदल रही है। उनके अनुसार, राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि विकास और सामाजिक सेवा होना चाहिए। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के कई प्रमुख नेता और गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि नागपुर स्थित एक सामाजिक संस्था अब विदर्भ के साथ-साथ पूरे महाराष्ट्र में एकल विद्यालयों के विस्तार की योजना पर काम कर रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत बनाना है।