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रिपोल आदेश के बाद TMC vs BJP टकराव हुआ और तेज

May 3, 2026

रिपोल आदेश के बाद TMC vs BJP टकराव हुआ और तेज
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तीखा टकराव देखने को मिला है। डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान (Repoll) के चुनाव आयोग के आदेश के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने न केवल बीजेपी के आरोपों को खारिज किया, बल्कि खुली चुनौती देते हुए कहा कि उनका “डायमंड हार्बर मॉडल” इतना मजबूत है कि उसे कमजोर करने के लिए विरोधियों के “10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे।” यह विवाद तब शुरू हुआ जब चुनाव आयोग (ECI) ने फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों—जिसमें सहायक बूथ भी शामिल हैं—पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया। इस फैसले के बाद बीजेपी ने TMC पर निशाना साधते हुए दावा किया कि यह “डायमंड हार्बर मॉडल” के विफल होने का संकेत है। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब यह मॉडल ढह रहा है। इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी को सीधे चुनौती दी। उन्होंने कहा कि “बांग्ला विरोधी गुजराती गैंग” और उनके सहयोगी उनके चुनावी मॉडल को नुकसान नहीं पहुंचा सकते। बनर्जी ने बीजेपी को खुला निमंत्रण देते हुए कहा कि वे अपनी पूरी ताकत के साथ फाल्टा से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने यहां तक कहा कि बीजेपी अपने “सबसे ताकतवर नेताओं” या दिल्ली से किसी “गॉडफादर” को भी मैदान में उतार सकती है, लेकिन फिर भी उन्हें सफलता नहीं मिलेगी। अभिषेक बनर्जी का यह बयान 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और गरमा रहा है। उनके इस आक्रामक रुख से साफ है कि TMC अपनी राजनीतिक पकड़ को लेकर आत्मविश्वास में है और बीजेपी को सीधी टक्कर देने के मूड में है। कुल मिलाकर, फाल्टा में दोबारा मतदान का मुद्दा अब केवल चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह TMC और BJP के बीच बड़े राजनीतिक संघर्ष का प्रतीक बन गया है, जो आने वाले चुनावों में और तेज हो सकता है।