Tuesday, May 12, 2026
English edition
Veridhar Veridhar

Rooted in Truth

India

राहुल-हेमंत सोरेन की दोस्ती पर संकट, राज्यसभा चुनाव बना वजह

May 2, 2026

राहुल-हेमंत सोरेन की दोस्ती पर संकट, राज्यसभा चुनाव बना वजह
झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर तनाव बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के बीच दो खाली हो रही राज्यसभा सीटों को लेकर मतभेद सामने आ गए हैं, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं। राज्य की दो राज्यसभा सीटें जून 2026 में खाली हो रही हैं। इनमें से एक सीट शिबू सोरेन के निधन के बाद से रिक्त है, जबकि दूसरी सीट भाजपा नेता दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है। इन सीटों के लिए चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। गठबंधन में कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह कम से कम एक राज्यसभा सीट पर अपना दावा करेगी। कांग्रेस का तर्क है कि वर्तमान विधानसभा में उसके पास पर्याप्त संख्या बल है, जिससे उसे एक सीट मिलनी चाहिए। दूसरी ओर, झामुमो दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने के पक्ष में दिखाई दे रही है, जिससे अंदरूनी टकराव बढ़ गया है। कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू ने हाल ही में बयान दिया कि पार्टी गठबंधन सहयोगी जेएमएम से एक सीट की औपचारिक मांग करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन राज्यसभा चुनावों में गठबंधन केवल एक सीट ही जीत पाया था, जिसके कारण वह सीट झामुमो के खाते में गई थी। लेकिन इस बार परिस्थितियां बदल चुकी हैं और गठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने लायक पर्याप्त संख्या बल मौजूद है। इसलिए कांग्रेस को एक सीट का अधिकार मिलना चाहिए। राजू ने यह भी कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे और औपचारिक रूप से अपनी मांग रखेंगे। वर्तमान में 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं। इनमें झामुमो के 34 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस 16 विधायकों के साथ दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी है। इसके अलावा आरजेडी भी गठबंधन का हिस्सा है। इस सीट बंटवारे को लेकर बढ़ती खींचतान ने गठबंधन की राजनीति में नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस और झामुमो के बीच बातचीत का परिणाम यह तय करेगा कि राज्यसभा की ये दो महत्वपूर्ण सीटें किसके खाते में जाती हैं और क्या गठबंधन में मौजूदा एकजुटता बनी रहती है या दरार और गहरी होती है।