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I-PAC डायरेक्टर को मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत, कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला
April 30, 2026
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के डायरेक्टर विनेश चंदेल को जमानत देकर बड़ी राहत दी है। अदालत ने अपने फैसले में यह महत्वपूर्ण बात रेखांकित की कि जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नियमित जमानत का विरोध नहीं किया, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।
यह मामला पश्चिम बंगाल से जुड़े कथित कोयला घोटाले और उससे संबंधित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। ED का कहना था कि जांच केवल अवैध कोयला तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बड़े स्तर पर पैसों के लेन-देन का जाल शामिल है। इसी सिलसिले में एजेंसी ने 13 अप्रैल को चंदेल को गिरफ्तार किया था। इससे पहले, चंदेल ने अपनी मां की खराब सेहत का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। हालांकि, उनकी नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई लंबित थी, जिस पर गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी।
इस पूरे घटनाक्रम का राजनीतिक संदर्भ भी सामने आया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद जमानत मिलने को लेकर सौरभ भारद्वाज ने टिप्पणी की। उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि PMLA जैसे मामलों में किसी निचली अदालत से 15 दिनों के भीतर जमानत मिलना सामान्यतः असंभव माना जाता है, खासकर तब जब ED इसका विरोध करे। उन्होंने यह भी इंगित किया कि चुनाव खत्म होने के एक दिन बाद ही जमानत मिलना कई सवाल खड़े करता है।
इस मामले में ED की कार्रवाई पहले भी चर्चा में रही थी, जब कोलकाता के साल्ट लेक स्थित I-PAC कार्यालय पर छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी और ED अधिकारियों के बीच टकराव की खबरें सामने आई थीं। यह जांच मूल रूप से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज मामले के आधार पर शुरू हुई थी।
कुल मिलाकर, विनेश चंदेल को जमानत मिलने से उन्हें कानूनी राहत जरूर मिली है, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों की जांच अभी जारी है, और इस मामले के राजनीतिक और कानूनी दोनों पहलू आगे भी चर्चा में बने रहने की संभावना है।