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भारी गिरावट के साथ बंद बाजार: सेंसेक्स 1000 अंक नीचे, निफ्टी 300 अंक टूटा
April 30, 2026
30 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स लगभग 1,000 अंकों की गिरावट के साथ 76,500 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जबकि निफ्टी करीब 300 अंक टूटकर 23,900 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट में सबसे ज्यादा असर ऑटो, मेटल, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर देखा गया, जहां भारी बिकवाली हुई।
बाजार में इस कमजोरी के पीछे मुख्य कारण वैश्विक अनिश्चितताएं और भू-राजनीतिक तनाव हैं। खासकर ईरान-इजराइल संघर्ष ने सप्लाई चेन में बाधा की आशंका बढ़ा दी है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारत का आयात बिल बढ़ने और महंगाई में वृद्धि का खतरा है, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है। इन परिस्थितियों में निवेशक जोखिम से बचने के लिए शेयर बेचकर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा। दक्षिण कोरिया का KOSPI, जापान का Nikkei और हांगकांग का Hang Seng सभी गिरावट के साथ बंद हुए, जो क्षेत्रीय स्तर पर बिकवाली के दबाव को दर्शाता है। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
अमेरिकी बाजारों में 29 अप्रैल को मिला-जुला रुख देखने को मिला। Dow Jones में गिरावट रही, जबकि Nasdaq में मामूली बढ़त दर्ज की गई और S&P 500 लगभग स्थिर रहा।
इसी बीच, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $120 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिसका एक प्रमुख कारण ‘हॉरमुज जलडमरूमध्य’ को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं—यह वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है।
हालांकि, इससे एक दिन पहले यानी 29 अप्रैल को भारतीय बाजार में तेजी देखी गई थी, जब सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए थे। कुल मिलाकर, मौजूदा गिरावट वैश्विक दबाव और निवेशकों की सतर्कता का परिणाम है।