Sunday, October 25, 2026
English edition
Veridhar Veridhar

Rooted in Truth

Chhattisgarh

गन्ना किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बढ़ाया बोनस का आधार

October 12, 2026 Source: Veridhar

गन्ना किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बढ़ाया बोनस का आधार
रायपुर, 12 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गन्ना बोनस की गणना का आधार 355 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 425 रूपए प्रति क्विंटल किए जाने से गन्ना किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से लिए गए इस निर्णय से गन्ना किसानों को बढ़ी हुई दर से बोनस का लाभ मिलेगा। इस निर्णय के फलस्वरूप पेराई सत्र 2025-26 में भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, राम्हेपुर, कवर्धा को गन्ना बेचने वाले 14,961 किसानों को लगभग 24.55 करोड़ रुपए की बोनस राशि प्राप्त होगी। पेराई सत्र 2025-26 के लिए बोनस गणना में एफआरपी 329.05 रुपए प्रति क्विंटल का आधार लिया गया है। बढ़ी हुई दर के अनुसार 425 रुपए में से एफआरपी घटाने पर किसानों को 95.95 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस मिलेगा। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने में पेराई सत्र 2025-26 के दौरान कुल 25,58,188 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। इस मात्रा पर 95.95 रुपए प्रति क्विंटल की दर से लगभग 24.55 करोड़ रुपए की बोनस राशि बनेगी, जिसका लाभ कारखाने को गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों को मिलेगा। *नवरात्रि से पहले गन्ना उत्पादकों को प्रदेश सरकार ने दिया तोहफा* प्रदेश के चारों सहकारी शक्कर कारखानों में पेराई सत्र 2025-26 के दौरान कुल 53,25,120 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। इस आधार पर प्रदेश के कुल 31,022 गन्ना विक्रेता किसानों को लगभग 51.09 करोड़ रुपए की बोनस राशि प्राप्त होगी। नवरात्रि से पहले राज्य सरकार के इस निर्णय से गन्ना किसानों में हर्ष व्याप्त है। इससे किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा। बढ़ी हुई बोनस राशि से किसानों को खेती की लागत वहन करने, समय पर कृषि कार्य कराने तथा आगामी फसल की बेहतर तैयारी करने में सहायता मिलेगी। इस निर्णय से कबीरधाम जिले के गन्ना किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों ने गन्ना बोनस की गणना का आधार बढ़ाने के निर्णय पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया है। बढ़ी हुई बोनस राशि से किसानों को खेती की लागत वहन करने और आगामी फसल की तैयारी में आर्थिक सहायता मिलेगी।