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सौर ऊर्जा से बिजली, बचत और पर्यावरण संरक्षण—शुभम राठौर के परिवार की पहल

September 20, 2026 Source: Veridhar

सौर ऊर्जा से बिजली, बचत और पर्यावरण संरक्षण—शुभम राठौर के परिवार की पहल
रायपुर, 19 सिंतंबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की दिशा में ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ देशभर में आम परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ रही है। योजना के माध्यम से घरों की छतों को बिजली उत्पादन का माध्यम बनाकर परिवार अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ बिजली खर्च में भी राहत पा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी इस योजना का लाभ नागरिकों तक पहुंच रहा है। गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत भदौरा निवासी श्री शुभम राठौर ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने के विजन से प्रेरित होकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कराया है। सौर ऊर्जा को अपनाने से उनके परिवार की घरेलू बिजली जरूरतें अब सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और बिजली खर्च में भी राहत मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और देश के परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ की शुरुआत की है। योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित कर परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना और बिजली के खर्च को कम करने में सहायता प्रदान करना है। श्री शुभम राठौर ने योजना का लाभ लेकर अपने घर की छत पर सोलर प्लांट स्थापित कर इस संकल्प को अपने जीवन में अपनाया है। उनके परिवार के लिए अब घर की छत ही बिजली उत्पादन का माध्यम बन गई है। *केंद्र और राज्य की सब्सिडी से आसान हुआ सौर ऊर्जा का सफर* श्री राठौर को पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। वहीं राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सब्सिडी का लाभ मिला। केंद्र और राज्य सरकार से प्राप्त सहायता ने सोलर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया को उनके लिए आसान बनाया। *बिजली बिल में राहत, परिवार को मिली आर्थिक सुविधा* सोलर प्लांट लगाने से पहले श्री राठौर को हर महीने लगभग 400 से 500 रुपये तक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था। सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद बिजली खर्च में उन्हें उल्लेखनीय राहत मिली है। श्री राठौर बताते हैं कि अब बिजली बिल को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं रहती। घर की जरूरत की बिजली उनकी अपनी छत पर लगे सोलर प्लांट से तैयार हो रही है। *अतिरिक्त बिजली का भी हो रहा उपयोग* सोलर प्लांट से आवश्यकता से अधिक बिजली बनने पर अतिरिक्त विद्युत ग्रिड में पहुंचती है और उसका समायोजन बिजली बिल में किया जाता है। इससे सौर ऊर्जा से होने वाले लाभ का बेहतर उपयोग संभव हो रहा है। श्री राठौर का परिवार अपनी जरूरत की बिजली सौर ऊर्जा से पूरी करने के साथ ऊर्जा संरक्षण की दिशा में भी योगदान दे रहा है। *स्वच्छ ऊर्जा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश* श्री शुभम राठौर का परिवार सौर ऊर्जा को अपनाकर स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। इस तरह योजना का लाभ परिवार की आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ रहा है। *श्री शुभम राठौर बोले- अपनी छत से बन रही हमारी बिजली* श्री शुभम राठौर बताते हैं कि सोलर प्लांट लगने के बाद उनके परिवार को बिजली खर्च में राहत मिली है। अब घर की जरूरत की बिजली उनकी अपनी छत पर तैयार हो रही है। उन्होंने कहा कि योजना से मिली सब्सिडी के कारण सोलर प्लांट लगाना आसान हुआ और अब स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करते हुए परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। *भदौरा से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मिल रही मजबूती* ग्राम भदौरा के श्री शुभम राठौर की कहानी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वच्छ ऊर्जा के विजन को स्थानीय स्तर पर साकार होते दिखाती है। एक परिवार द्वारा अपनी छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना न केवल बिजली की जरूरत पूरी करने का माध्यम बना है, बल्कि ऊर्जा बचत, आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सार्थक कदम है। ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के माध्यम से घर-घर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर ऐसे परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। श्री राठौर का परिवार इसी बदलाव का उदाहरण है, जहां सूरज की रोशनी से बिजली भी बन रही है और आत्मनिर्भर भविष्य की राह भी रोशन हो रही है।