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दंतेवाड़ा में सौर ऊर्जा की मिसाल, शिक्षक कैलाश का बिजली बिल हुआ शून्य

September 8, 2026 Source: Veridhar

दंतेवाड़ा में सौर ऊर्जा की मिसाल, शिक्षक कैलाश का बिजली बिल हुआ शून्य
रायपुर, 08 सितंबर 2026/ केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से लोग न केवल स्वच्छ ऊर्जा अपना रहे हैं, बल्कि अपने बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले के बड़े तुमनार निवासी और मोफलनार माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक श्री कैलाश कुमार देवांगन इसके प्रेरक उदाहरण बने हैं। *गाँव के पहले हितग्राही बने कैलाश, मासिक खर्च में भारी बचत* कैलाश कुमार देवांगन अपने गाँव के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने मार्च 2026 में इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कराया। उन्होंने बताया कि पहले उनके 4 सदस्यीय परिवार का मासिक बिजली बिल करीब 1,000 से 1,200 (लगभग 200 यूनिट खपत) आता था। लेकिन सोलर प्लांट लगने के बाद से उनका बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया है। *सरकारी सब्सिडी से आसान हुई राह* श्री देवांगन को मार्च माह में आयोजित शिक्षकों की एक बैठक के दौरान इस योजना की विस्तृत जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है, जिससे आम परिवारों के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाना बेहद आसान हो गया है। उन्होंने अन्य नागरिकों से भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने बिजली बिल को कम करने की अपील की है। *आर्थिक लाभ के साथ पर्यावरण संरक्षण भी* शिक्षक कैलाश देवांगन का मानना है कि यह योजना केवल आर्थिक बचत का ज़रिया नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान देती है। भविष्य में बिजली की बढ़ती माँग और दरों को देखते हुए सौर ऊर्जा एक टिकाऊ विकल्प है। जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग ने भी जिले के नागरिकों से ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से जुड़कर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया है।