Wednesday, May 13, 2026
English edition
Veridhar Veridhar

Rooted in Truth

India

छत्तीसगढ़ में 97% श्रमिकों का ई-केवायसी पूरा, भुगतान व्यवस्था मजबूत

April 9, 2026

छत्तीसगढ़ में 97% श्रमिकों का ई-केवायसी पूरा, भुगतान व्यवस्था मजबूत
*मनरेगा में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग* *मनरेगा क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल* *ई-केवायसी, जियो-टैगिंग और क्यूआर कोड से पारदर्शिता को मिली नई गति* *रायपुर, 09 अप्रैल 2026/* महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने विभिन्न प्रमुख मानकों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। *97% सक्रिय श्रमिकों का ई-केवायसी पूर्ण* 1 अप्रैल 2026 की स्थिति में राज्य ने 97 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-केवायसी पूर्ण कर लिया है, जिससे भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हुई है। जिसके तहत प्रदेश के 58.16 लाख श्रमिकों का ई-केवायसी तथा 11.32 लाख निर्मित परिसंपत्तियों का जियो टैगिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हुई है। *11,668 ग्राम पंचायतों में जीआईएस आधारित योजना* वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से 11,668 ग्राम पंचायतों में 2,86,975 कार्यों की जीआईएस आधारित कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप वैज्ञानिक योजना निर्माण सुनिश्चित हुआ है। इसके साथ ही मनरेगा कार्यस्थलों पर फेस ऑथेंटिकेशन आधारित एनएमएमएस (NMMS) प्रणाली के उपयोग से उपस्थिति की निगरानी अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनी है। *क्यूआर कोड से आमजन को सीधी जानकारी* ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से नागरिक, कार्यों की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एक सितंबर से अब तक लगभग 5 लाख से अधिक स्कैन दर्ज किए गए हैं। जिससे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। *हर माह 7 तारीख को समाधान का मंच* प्रदेश में प्रत्येक माह की 7 तारीख को चावल उत्सव के साथ “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” का आयोजन किया जा रहा है, जहां हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण एवं योजनाओं की जमीनी समीक्षा की जाती है।