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सरगुजा से उठा हरित छत्तीसगढ़ का संदेश, मंत्री ने किया पौधारोपण

July 20, 2026 Source: Veridhar

सरगुजा से उठा हरित छत्तीसगढ़ का संदेश, मंत्री ने किया पौधारोपण
रायपुर, 20 जुलाई 2026। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल आज सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित जी.आर.ए. स्कूल, जूनाडीह में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और सुरक्षित भविष्य की अमूल्य धरोहर बनता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में आगे कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की वर्तमान आवश्यकता को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण को जनआंदोलन बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक आवश्यक उसकी नियमित देखभाल करना है, ताकि वह एक सशक्त वृक्ष बनकर समाज और प्रकृति की सेवा कर सके। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि विद्यार्थी अपने जीवन में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करेंगे और प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करेंगे, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिलेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति से जुड़ने, पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने तथा जीवन में अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हरित वातावरण स्वस्थ समाज की पहचान है। वृक्षारोपण के माध्यम से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है, बल्कि जैव विविधता का संरक्षण, जल स्रोतों का संवर्धन और प्राकृतिक संतुलन भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि आज का यह सामूहिक प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और स्वस्थ परिवेश सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के अंत में श्री अग्रवाल ने विद्यालय परिवार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण के संदेशवाहक बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।