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दिल्ली में विकास कार्यों का खुला रास्ता, DDA ने लंबित भूमि आवंटन मामलों का किया निपटारा

July 9, 2026 Source: Veridhar

दिल्ली में विकास कार्यों का खुला रास्ता, DDA ने लंबित भूमि आवंटन मामलों का किया निपटारा
राजधानी दिल्ली में लंबे समय से अटकी कई विकास परियोजनाओं को अब गति मिलने जा रही है। उपराज्यपाल **टी.एस. संधू** की नियमित समीक्षा बैठकों और निर्देशों के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने जनहित से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन और आवश्यक मंजूरियों से संबंधित लंबित मामलों का निपटारा कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण कई फाइलें वर्षों से लंबित थीं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। समीक्षा के बाद प्रक्रियाओं को तेज किया गया और जरूरी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। DDA ने स्वास्थ्य, प्रशासन, पर्यावरण, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराई है। द्वारका सेक्टर-19 और मंगलापुरी में सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के लिए सामुदायिक भवन दिए गए हैं। इसके अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना के लिए 112 एनओसी और अटल कैंटीनों के लिए 5 एनओसी जारी की गई हैं। पर्यावरण संरक्षण के तहत होलंबी कलां में ई-वेस्ट इको मैनेजमेंट पार्क के लिए 8.5 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। वहीं गाजीपुर में वेस्ट-टू-एनर्जी और बायो-मीथनेशन परियोजनाओं के विस्तार के लिए नगर निगम को 10 एकड़ भूमि के साथ अतिरिक्त 10.4 एकड़ जमीन भी उपलब्ध कराई गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिलकुशा बाग, सागरपुर, सूरजपुर और किशनगढ़ में नए पुलिस थानों के निर्माण हेतु भूमि दी गई है। नरेला में फॉरेंसिक साइंस लैब और धीरपुर व ताहिरपुर में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) कार्यालयों के लिए भी जमीन आवंटित की गई है। इसके अलावा रोहिणी और शाहदरा में न्यायपालिका के कर्मचारियों के आवास निर्माण का रास्ता भी साफ हुआ है। बुनियादी ढांचे के विस्तार के तहत सनोठ में DMRC को मेट्रो डिपो के लिए 20 हेक्टेयर और नरेला में कास्टिंग यार्ड के लिए 16 हेक्टेयर भूमि दी गई है। नगर निगम को 24 फिक्स्ड कंपैक्टर ट्रांसफर स्टेशन स्थापित करने तथा दिल्ली जल बोर्ड को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पंपिंग स्टेशन और 151 नए बोरवेल जैसी जल परियोजनाओं के लिए भी जमीन उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों का कहना है कि इन फैसलों से राजधानी में जनहित से जुड़े विकास कार्यों को तेजी मिलेगी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा।