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BJP विधायक नितेश राणे के बयान से महाराष्ट्र में छिड़ी नई राजनीतिक जंग
June 28, 2026 Source: Veridhar
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा विधायक नितेश राणे एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें "हरे रंग के वोटर्स" से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि उन्होंने किसी समुदाय का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को मुस्लिम समुदाय की ओर इशारा माना जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह "सर्व धर्म समभाव" और "गंगा-जमुनी तहजीब" की विचारधारा में विश्वास नहीं रखते। उनका कहना था कि यह एक हिंदुत्ववादी सरकार है, जो हिंदू वोटों से चुनी गई है और उनकी प्राथमिकता पहले हिंदुओं और हिंदुत्व के हित होंगे।
नितेश राणे ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह सबसे पहले हिंदू समाज के हित में काम करेंगे और उसके बाद ही अन्य समुदायों के बारे में सोचेंगे। उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी घमासान शुरू हो गया है। विपक्षी दलों, खासकर महाविकास अघाड़ी के नेताओं ने भाजपा पर समाज में ध्रुवीकरण करने और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश का आरोप लगाया है।
यह पहली बार नहीं है जब नितेश राणे अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले भी वह हिंदू राष्ट्र की मांग और शरिया कानून को लेकर दिए गए अपने तीखे बयानों के कारण चर्चा में रह चुके हैं। उनके ताजा बयान ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। विपक्ष का कहना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह की बयानबाजी जानबूझकर की जा रही है ताकि धार्मिक आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण किया जा सके। वहीं भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।