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लोकसभा में घटती ताकत का असर, शिवसेना (UBT) का ऑफिस भी जा सकता है

June 24, 2026 Source: Veridhar

लोकसभा में घटती ताकत का असर, शिवसेना (UBT) का ऑफिस भी जा सकता है
लोकसभा सांसदों की बगावत से पहले ही कमजोर हुई शिवसेना (UBT) को अब एक और बड़ा झटका लग सकता है। पार्टी की संसदीय ताकत घटने के बाद संसद भवन परिसर में मिले उसके कार्यालय पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट के 9 में से 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बाद पार्टी के पास केवल चार सांसद ही बचे हैं। ऐसे में संसद परिसर में अलग कार्यालय बनाए रखने का अधिकार भी खतरे में पड़ गया है। दरअसल, संसद के नियमों के अनुसार केवल उन राजनीतिक दलों को ही अलग कार्यालय आवंटित किया जाता है, जिनके पास लोकसभा में कम से कम पांच सांसद हों। छह सांसदों के शिंदे गुट में जाने के बाद एकनाथ शिंदे खेमे की ताकत बढ़कर 13 सांसदों तक पहुंच गई है, जबकि शिवसेना (UBT) की संख्या घटकर चार रह गई है। लोकसभा अध्यक्ष की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद उद्धव ठाकरे गुट के संसदीय दल की नई स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इसके बाद संविधान सदन (पुराने संसद भवन) में स्थित पार्टी कार्यालय के भविष्य को लेकर भी फैसला लिया जा सकता है। फिलहाल शिवसेना (UBT) का कार्यालय रूम नंबर 128A में है, जो अविभाजित शिवसेना के पुराने कार्यालय रूम नंबर 128 के ठीक बगल में स्थित है। इधर, पार्टी में हुई टूट के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार शाम 5 बजे शिवसेना (UBT) नेताओं की बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई अध्यक्ष से मुलाकात कर बागी सांसदों से जुड़े घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखेंगे। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी अपने संसदीय कार्यालय को बचा पाती है या नहीं।