Sunday, June 28, 2026
English edition
Veridhar Veridhar

Rooted in Truth

World

तुलसी गबार्ड का ‘धमाका’, विदेशों में गुप्त रूप से चल रहे 120 अमेरिकी बायोलैब का खुलासा…

June 13, 2026 Source: Veridhar

तुलसी गबार्ड का ‘धमाका’, विदेशों में गुप्त रूप से चल रहे 120 अमेरिकी बायोलैब का खुलासा…
यह लेख अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के एक बड़े दावे पर आधारित है। उनके अनुसार अमेरिकी सरकार ने दुनिया के 30 से अधिक देशों में 120 से ज्यादा जैविक प्रयोगशालाओं (बायोलैब) को वित्तीय सहायता और समर्थन प्रदान किया है। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय (ODNI) द्वारा जारी नए अवर्गीकृत दस्तावेजों में यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार इन प्रयोगशालाओं में यूक्रेन की कुछ लैब भी शामिल हैं, जिनमें खतरनाक रोगजनकों को रखा गया था। खुफिया एजेंसियों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान इन प्रयोगशालाओं पर हमला, कब्जा या नुकसान होने का खतरा बना हुआ था। तुलसी गबार्ड ने आरोप लगाया कि इन बायोलैब से जुड़ी जानकारी को लंबे समय तक अमेरिकी जनता से छिपाकर रखा गया। उन्होंने कहा कि कई प्रभावशाली व्यक्तियों और संस्थाओं ने इन प्रयोगशालाओं के अस्तित्व, वित्त पोषण और स्थानों से संबंधित तथ्यों को दबाने का प्रयास किया। गबार्ड ने यह भी दावा किया कि कुछ प्रयोगशालाओं में अत्यधिक संक्रामक और खतरनाक रोगजनकों पर शोध किया जा रहा है तथा कुछ स्थानों पर गेन-ऑफ-फंक्शन रिसर्च भी हो सकती है, हालांकि इसके समर्थन में विस्तृत सबूत सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। यह खुलासा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा गेन-ऑफ-फंक्शन अनुसंधान के लिए संघीय वित्त पोषण समाप्त करने और जैविक अनुसंधान कार्यक्रमों की निगरानी मजबूत करने संबंधी कार्यकारी आदेश जारी करने के कुछ सप्ताह बाद सामने आया है। गबार्ड ने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को विदेशी बायोलैब और उनसे संबंधित गतिविधियों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। इस मामले ने अमेरिका में जैविक अनुसंधान, पारदर्शिता और विदेशी प्रयोगशालाओं पर सरकारी निगरानी को लेकर नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है।