Sunday, August 16, 2026
English edition
Veridhar Veridhar

Rooted in Truth

India

‘ममता बनर्जी मेरी राजनीति गुरु, मेरा सिर कटेगा लेकिन…’, काकोली घोष का सख्त रुख...

June 9, 2026 Source: Veridhar

‘ममता बनर्जी मेरी राजनीति गुरु, मेरा सिर कटेगा लेकिन…’, काकोली घोष का सख्त रुख...
टीएमसी की बागी गुट से जुड़ी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी नेतृत्व और पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका ममता बनर्जी से भावनात्मक और राजनीतिक संबंध आज भी कायम है, और वे उन्हें अपना मार्गदर्शक और राजनीतिक गुरु मानती हैं। इसके बावजूद, उन्होंने पार्टी से अलग होकर एक नया रास्ता अपनाने के निर्णय को सही ठहराया है। काकोली घोष ने कहा कि वे पिछले लगभग 40 वर्षों से ममता बनर्जी के साथ जुड़ी रही हैं, यहां तक कि उस समय भी जब वे सत्ता में नहीं थीं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पार्टी की कार्यशैली और राज्य के प्रशासनिक हालात को लेकर गंभीर असंतोष बढ़ता गया। उनके अनुसार, पिछले तीन से चार वर्षों में विकास की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही और कई स्तरों पर गड़बड़ियां सामने आईं, जिन्हें अब सार्वजनिक रूप से भी स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और फिल्म उद्योग की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि ये क्षेत्र काफी कमजोर हुए हैं। साथ ही कानून-व्यवस्था को भी उन्होंने असंतोषजनक बताया। काकोली घोष ने यह भी कहा कि राज्य में कुप्रशासन, अराजकता और बेरोजगारी जैसे मुद्दे उनके और अन्य साथियों के अलग होने के प्रमुख कारण बने हैं। उन्होंने अपने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि उनके फैसले को राजनीतिक अवसरवाद के रूप में देखना गलत होगा। उन्होंने दोहराया कि वे दशकों से बंगाल के लिए संघर्ष कर रही हैं और उनका निर्णय किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि मौजूदा हालात और जनहित को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा, “मेरा सिर कटेगा लेकिन झुकेगा नहीं,” जिससे उनके दृढ़ रुख का संकेत मिलता है।