Sunday, August 16, 2026
English edition
Veridhar Veridhar

Rooted in Truth

India

सुप्रीम कोर्ट में AI को लेकर नई पहल, CJI ने दी अहम सफाई...

June 8, 2026 Source: Veridhar

सुप्रीम कोर्ट में AI को लेकर नई पहल, CJI ने दी अहम सफाई...
सुप्रीम कोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के औपचारिक उपयोग की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। भारत की न्यायपालिका में AI को शामिल करने के लिए “रेगुलेशन्स फॉर यूज ऑफ एआई इन कोर्ट 2026” का ड्राफ्ट जारी किया गया है, जिस पर सभी हितधारकों और आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं। इस पहल का उद्देश्य अदालतों के कामकाज को अधिक प्रभावी और तकनीक-सक्षम बनाना है। मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि AI को न्यायाधीशों का विकल्प नहीं माना जाएगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट हमेशा से तकनीक को इंसानी सोच और निर्णय क्षमता में मदद करने वाले उपकरण के रूप में देखता आया है, न कि उसे प्रतिस्थापित करने वाले साधन के रूप में। उनके अनुसार, न्यायिक निर्णय पूरी तरह मानवीय विवेक, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक परिस्थितियों पर आधारित रहेंगे। उन्होंने यह भी जोर दिया कि भारत के “स्वदेशी न्यायशास्त्र” को विकसित करने की आवश्यकता है, जो देश की विविधता, भाषाई भिन्नता और संवैधानिक ढांचे के अनुरूप हो, न कि केवल विदेशी तकनीकी मॉडल पर आधारित। सीजेआई ने यह भी बताया कि न्यायपालिका के लिए एक स्वदेशी AI सिस्टम विकसित करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उनका कहना था कि युवा वकील, न्यायिक अधिकारी और कानूनी पेशेवर इस तकनीकी परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, क्योंकि वे नई तकनीकों को तेजी से अपनाने में सक्षम हैं और न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण में मदद कर रहे हैं। इसके साथ ही एक अन्य घटना का भी उल्लेख हुआ, जिसमें 4 जून को लंदन में दिए गए एक भाषण के दौरान सीजेआई सूर्यकांत को विरोध का सामना करना पड़ा। यह कार्यक्रम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरराष्ट्रीय कानून से संबंधित था, लेकिन वहां उनकी पिछली टिप्पणियों को लेकर सवाल उठाए गए, जिसके बाद बहस और हंगामे की स्थिति बन गई और आयोजकों को हस्तक्षेप करना पड़ा। कुल मिलाकर, यह पूरा मामला भारतीय न्यायपालिका में तकनीक के बढ़ते उपयोग और उससे जुड़े सामाजिक-राजनीतिक विमर्श को दर्शाता है।