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विदेशी नागरिकों के लिए अलर्ट! वीजा और रजिस्ट्रेशन नियमों में बड़ा बदलाव ...

June 2, 2026 Source: Veridhar

विदेशी नागरिकों के लिए अलर्ट! वीजा और रजिस्ट्रेशन नियमों में बड़ा बदलाव ...
नई दिल्ली। भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने इमिग्रेशन नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब ऐसे विदेशी नागरिक, जो 180 दिनों से अधिक समय तक भारत में रहना चाहते हैं, उन्हें अपनी वीजा अवधि समाप्त होने से पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना होगा। सोमवार को आधिकारिक गजट में प्रकाशित इस अधिसूचना के तहत **इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स, 2025** में संशोधन किया गया है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य देश में रह रहे विदेशी नागरिकों की बेहतर निगरानी करना और इमिग्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना है। नए नियमों के अनुसार यदि कोई विदेशी नागरिक अपनी निर्धारित वीजा अवधि से अधिक समय तक भारत में ठहरना चाहता है, तो उसे वीजा की अवधि समाप्त होने से पहले संबंधित प्राधिकरण के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पहले के नियमों में विदेशी नागरिकों को भारत में आगमन के 180 दिन पूरे होने के बाद 14 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने की अनुमति थी। हालांकि अब सरकार ने इस प्रक्रिया को और अधिक सख्त बना दिया है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों या आपातकालीन मामलों में ही देरी से पंजीकरण की अनुमति दी जाएगी। इसके पीछे सरकार का मकसद देश में मौजूद विदेशी नागरिकों का अद्यतन रिकॉर्ड बनाए रखना और सुरक्षा संबंधी निगरानी को मजबूत करना है। इसके अलावा संशोधित नियमों में नागरिकता से जुड़े कुछ विशेष प्रावधान भी जोड़े गए हैं। यदि भारतीय माता-पिता का कोई बच्चा भारत में रहते हुए बाद में किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो उसके माता-पिता या अभिभावकों को 30 दिनों के भीतर इसकी सूचना संबंधित पंजीकरण अधिकारी को देनी होगी। यह प्रावधान नागरिकता रिकॉर्ड को अद्यतन रखने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि इन नए नियमों से इमिग्रेशन व्यवस्था को डिजिटल और प्रशासनिक रूप से अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा। साथ ही विदेशी नागरिकों की गतिविधियों और उनके ठहराव की अवधि पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी, जिससे सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।