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प्याज की कीमतों पर छिड़ी लड़ाई, महाराष्ट्र में किसानों का बड़ा प्रदर्शन

May 27, 2026 Source: Veridhar

प्याज की कीमतों पर छिड़ी लड़ाई, महाराष्ट्र में किसानों का बड़ा प्रदर्शन
महाराष्ट्र में प्याज की लगातार गिरती कीमतों को लेकर किसानों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में किसानों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है, लेकिन नासिक जिले के चांदवड में यह आंदोलन सबसे ज्यादा उग्र रूप में देखने को मिला। बुधवार, 27 मई 2026 को हजारों प्याज उत्पादक किसान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि उन्होंने भारी मेहनत और लागत लगाकर प्याज की खेती की, लेकिन बाजार में उन्हें बेहद कम कीमत मिल रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि किसानों के लिए खेती का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। इसी नाराजगी के चलते किसानों ने मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ‘रास्ता रोको’ आंदोलन किया, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात प्रभावित हुआ। इस आंदोलन को महाविकास अघाड़ी (MVA) का भी समर्थन मिला। कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के कई वरिष्ठ नेता किसानों के समर्थन में सड़क पर उतरे। आंदोलन में विधायक रोहित पवार, हर्षवर्धन सपकाल, अंबादास दानवे, शशिकांत शिंदे और भास्कर भगरे समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रदर्शन कर रहे किसानों की मुख्य मांग है कि सरकार प्याज के लिए कम से कम 24 रुपये प्रति किलो का समर्थन मूल्य तय करे। इसके साथ ही किसानों ने बेचे गए प्याज पर 15 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी देने की मांग भी उठाई है। आंदोलन के दौरान कई प्रदर्शनकारी नेताओं और किसानों ने गले में प्याज की मालाएं पहनकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। नासिक के अलावा सोलापुर और छत्रपति संभाजीनगर में भी किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सोलापुर-पुणे और सोलापुर-हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी जाम लगाया गया। किसानों का कहना है कि मौजूदा कीमतों में परिवहन खर्च तक निकलना मुश्किल हो गया है। प्याज की कीमतों को लेकर बढ़ता यह आंदोलन अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।