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कर्नाटक कांग्रेस में फिर छिड़ी कुर्सी की लड़ाई, अगले 2-3 दिन निर्णायक

May 25, 2026 Source: Veridhar

कर्नाटक कांग्रेस में फिर छिड़ी कुर्सी की लड़ाई, अगले 2-3 दिन निर्णायक
कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों के बीच मुख्यमंत्री Siddaramaiah को कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली बुलाया है। यह बैठक 26 मई को होने वाली है, जिसे राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। खुद सिद्धारमैया ने दिल्ली बुलाए जाने की पुष्टि की है, हालांकि उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें बैठक का एजेंडा नहीं बताया गया है। इसी बीच सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई है कि कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अगले दो से तीन दिनों में बड़ा फैसला लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी बैठक मंगलवार सुबह 11 बजे तय की गई है और उन्हें कांग्रेस महासचिव K. C. Venugopal ने बुलाया है। हालांकि उन्होंने राजनीतिक चर्चाओं को सामान्य बताते हुए कहा कि ऐसी अटकलें समय-समय पर लगती रहती हैं। दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar ने भी संकेत दिए हैं कि यदि पार्टी नेतृत्व बुलाएगा तो वह दिल्ली जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन पर सीधी टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि यह पूरी तरह कांग्रेस हाईकमान का फैसला होगा। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में केवल मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे पर ही चर्चा नहीं होगी, बल्कि राज्यसभा चुनाव, मंत्रिमंडल विस्तार और विधान परिषद चुनावों जैसे अहम राजनीतिक विषयों पर भी विचार-विमर्श हो सकता है। पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी और कार्यकर्ताओं के दबाव को भी बैठक का प्रमुख मुद्दा माना जा रहा है। इसी बीच एक बार फिर कर्नाटक कांग्रेस में चर्चित ‘ढाई-ढाई साल’ फॉर्मूले की चर्चा शुरू हो गई है। 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच लंबा राजनीतिक संघर्ष देखने को मिला था। उस दौरान यह खबरें सामने आई थीं कि दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक रूप से मुख्यमंत्री पद को ढाई-ढाई साल के लिए साझा करने पर सहमति बनी थी। हालांकि कांग्रेस पार्टी ने कभी भी इस समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की। यह पहला मौका नहीं है जब कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हुई हों। इससे पहले 2025 के अंत में भी कांग्रेस के भीतर इसी मुद्दे को लेकर हलचल मची थी। उस समय डीके शिवकुमार समर्थक कई विधायकों ने दिल्ली जाकर पार्टी नेताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने बेंगलुरु पहुंचकर दोनों नेताओं के साथ बैठक की थी। तब दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से किसी भी मतभेद से इनकार किया था। अब एक बार फिर दिल्ली में होने वाली बैठक ने कर्नाटक की राजनीति को गर्मा दिया है और सभी की निगाहें कांग्रेस हाईकमान के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।