Monday, August 17, 2026
English edition
Veridhar Veridhar

Rooted in Truth

India

NIA का दावा: धर्म पूछकर की गई हत्या, पहलगाम हमला पूरी तरह सुनियोजित था

May 22, 2026 Source: Veridhar

NIA का दावा: धर्म पूछकर की गई हत्या, पहलगाम हमला पूरी तरह सुनियोजित था
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक समेत कुल 26 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस हमले को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन TRF (द रजिस्टेंस फ्रंट) ने अंजाम दिया था। हालांकि हमले के तुरंत बाद जिम्मेदारी लेने वाला TRF बाद में अपने बयान से पलट गया। NIA की जांच में सामने आया है कि आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों को निशाना बनाया। जो लोग ‘कलमा’ नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी गई। जांच के अनुसार, इस हमले को तीन आतंकियों — फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ छोटू और हमजा अफगानी — ने मिलकर अंजाम दिया था। वहीं, इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड सज्जाद जट्ट उर्फ अली भाई बताया गया है। मामले में दो स्थानीय मददगारों की भूमिका भी सामने आई है। चार्जशीट के मुताबिक, हमला करने से पहले तीनों आतंकी बैसरन पार्क के पास एक पेड़ के नीचे बैठे और खाना खाया। इसके बाद दोपहर 2:23 बजे सुलेमान ने M-4 कार्बाइन से पहली गोली चलाई, जबकि बाकी दो आतंकियों ने AK-47 से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलाबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। एक गवाह ने NIA को बताया कि उसने हमले से एक दिन पहले बशीर अहमद जोठाड़ नामक व्यक्ति को तीन हथियारबंद आतंकियों के साथ देखा था। गवाह के अनुसार, आतंकियों ने उसे भी पकड़कर कलमा पढ़ने को कहा था। जब उसने कलमा पढ़ दिया, तब उसे छोड़ दिया गया। इससे जांच एजेंसियों को यह पुष्टि मिली कि हमलावर धर्म के आधार पर लोगों को निशाना बना रहे थे। चार्जशीट में यह भी खुलासा हुआ है कि हमले के बाद आतंकियों ने भागते समय पेड़ों के पीछे छिपे लोगों को करीब से गोली मारी और पार्क से बाहर निकलते वक्त जश्न में फायरिंग भी की। इस पूरे हमले ने देशभर को झकझोर दिया था और अब NIA की चार्जशीट ने इस भयावह साजिश की कई परतों को उजागर कर दिया है।